उत्तर प्रदेश के जौनपुर में पूर्वांचल विश्वविद्यालय की एक मेधावी छात्रा की आत्महत्या ने पूरे विश्वविद्यालय परिसर को झकझोर कर रख दिया। एमएससी बायोटेक्नोलॉजी सेकंड ईयर की छात्रा शिवांगी मिश्रा (23) ने लक्ष्मीबाई हॉस्टल के अपने कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह कदम उसने अपने मंगेतर से फोन पर बातचीत के दौरान उठाया है।
आखिरी कॉल, फिर सन्नाटा...
बताया जा रहा है कि शिवांगी अपने मंगेतर आकाश से फोन पर बात कर रही थी। बातचीत के दौरान कुछ ऐसा हुआ कि वह अचानक अपने कमरे में चली गई और उसके बाद फोन उठाना बंद कर दिया। आकाश ने कई बार फोन मिलाया, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। बेचैन होकर उसने हॉस्टल की अन्य छात्राओं को सूचना दी।
दरवाजा तोड़ा गया, लेकिन देर हो चुकी थी
मंगेतर की सूचना मिलते ही हॉस्टल वार्डन और छात्राएं शिवांगी के कमरे के बाहर पहुंचीं। कई बार दस्तक देने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। घबराकर पांच-छह छात्राओं ने दरवाजा धक्का देकर तोड़ दिया। अंदर का दृश्य देखकर सबकी रूह कांप गई—शिवांगी फंदे से झूल रही थी। आनन-फानन में उसे नीचे उतारकर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
शादी थी तय, फिर क्यों छाया अंधेरा?
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शिवांगी और आकाश की शादी नवंबर माह में तय थी। लेकिन क्या कारण रहा कि शादी से पहले ही उसने इतना बड़ा कदम उठा लिया? पुलिस इसे एक लव एंगल से भी देख रही है और टेक्निकल साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है।
जांच जारी, हर पहलू पर नजर
शिवांगी के परिजनों को सूचना दे दी गई है और पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मोबाइल कॉल डिटेल्स की जांच के बाद ही आत्महत्या के असली कारणों का खुलासा हो पाएगा।
इस दुखद घटना ने विश्वविद्यालय के छात्रों को गहरे सदमे में डाल दिया है। हर कोई यही सवाल कर रहा है कि क्या वाकई शिवांगी के पास कोई और रास्ता नहीं था? प्रेम और रिश्तों में आई दरार ने एक होनहार छात्रा की जिंदगी छीन ली, जो शायद कल देश की जानी-मानी वैज्ञानिक बन सकती थी।
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