बिहार की तेज़तर्रार और चर्चित आईपीएस अधिकारी काम्या मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति ने उनके इस्तीफे को मंजूरी दे दी है, जिससे अब वे आधिकारिक रूप से भारतीय पुलिस सेवा का हिस्सा नहीं हैं। काम्या मिश्रा को उनके साहसी और सख्त कानून व्यवस्था के लिए 'लेडी सिंघम' के नाम से जाना जाता था।
UPSC की परीक्षा में मिली शानदार सफलता
काम्या मिश्रा ने महज 22 साल की उम्र में UPSC की परीक्षा पास करके 2019 में आईपीएस बनी थीं। वे मूल रूप से ओडिशा की रहने वाली हैं और उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्रीराम कॉलेज से स्नातक किया था। अपने पहले ही प्रयास में उन्होंने ऑल इंडिया 172वीं रैंक हासिल की और हिमाचल कैडर में नियुक्त हुईं। बाद में उन्होंने बिहार कैडर में स्थानांतरण करा लिया।
पारिवारिक कारणों से लिया इस्तीफे का फैसला
अगस्त 2024 में दरभंगा ग्रामीण एसपी के रूप में कार्यरत रहते हुए काम्या मिश्रा ने अचानक इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, उनका इस्तीफा तुरंत स्वीकार नहीं हुआ था, लेकिन अब गृह मंत्रालय ने इसे मंजूरी दे दी है। बताया जा रहा है कि वे अपने पिता के व्यवसाय को संभालने के लिए नौकरी छोड़ रही हैं।
बिहार में आईपीएस के इस्तीफे का सिलसिला
काम्या मिश्रा से पहले बिहार के सुपरकॉप माने जाने वाले आईपीएस शिवदीप लांडे ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने 18 साल की सेवा के बाद नौकरी छोड़ी थी। अब काम्या मिश्रा के इस्तीफे ने एक बार फिर बिहार पुलिस विभाग में हलचल मचा दी है।
शिक्षा के क्षेत्र में करेंगी काम
काम्या मिश्रा ने इस्तीफे के बाद कहा कि वे अब समाज सेवा के क्षेत्र में योगदान देना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि वे खासतौर पर गरीब और वंचित बच्चों की शिक्षा के लिए काम करेंगी। उनके अनुसार, शिक्षा ही समाज की सबसे बड़ी ताकत है और वे इस दिशा में एक नई शुरुआत करना चाहती हैं।
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