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पैजामे के नारे से पुलिस कस्टडी में युवक ने की आत्महत्या, थानेदार सहित तीन निलंबित



आजमगढ़ थाने में युवक की संदिग्ध मौत, पुलिस पर सवाल

आजमगढ़ पुलिस हिरासत में दलित युवक की मौत

SSP आजमगढ़ का बयान – युवक ने की आत्महत्या

तरवां थाना आजमगढ़ पुलिस कस्टडी केस

 उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के तरवां थाना परिसर में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस का दावा है कि युवक ने शौचालय में पायजामे के नाड़े से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, जबकि परिवारवालों का आरोप है कि यह हिरासत में हत्या का मामला है। घटना के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया, जिसके चलते पुलिस ने भारी बल तैनात कर दिया है।


क्या है मामला?


तरवां थाना क्षेत्र के उमरी भंवरपुर गांव निवासी सनी कुमार (21) पर छेड़खानी का आरोप था। एक युवती के परिवार ने शिकायत दर्ज कराई थी कि सनी ने उसे रास्ते में रोककर अभद्र टिप्पणी की और मोबाइल पर अश्लील गाने बजाए। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने 29 मार्च को सनी को गिरफ्तार कर लिया और थाने में पूछताछ के लिए रखा।


पुलिस का दावा: आत्महत्या की गई


एसएसपी के आधिकारिक बयान के अनुसार, 31 मार्च की सुबह करीब 6:00 बजे सनी कुमार का शव थाने के शौचालय में लटका मिला। पुलिस का कहना है कि सनी ने पायजामे के नाड़े को ग्रिल के हुक में फंसा कर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर तीन डॉक्टरों के पैनल से वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम कराया, जिसमें कोई बाहरी चोट के निशान नहीं मिले और आत्महत्या की पुष्टि हुई।


परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप, थाने पर बवाल


जैसे ही परिवार को घटना की खबर मिली, वे ग्रामीणों के साथ थाने पहुंच गए और पुलिस पर हत्या का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। गुस्साए लोगों ने सड़क जाम कर दी और कई वाहनों में तोड़फोड़ की। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने लाठीचार्ज किया और चार थानों की फोर्स तैनात कर दी गई।


एसएसपी का एक्शन, तीन पुलिसकर्मी निलंबित


मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी हेमराज मीणा ने थाना प्रभारी, एक उप-निरीक्षक और एक सिपाही को निलंबित कर दिया। इसके अलावा, मजिस्ट्रेट जांच और पुलिस इन्वेस्टिगेशन भी शुरू कर दी गई है।


विपक्ष ने उठाए सवाल, 50 लाख मुआवजे की मांग


पूर्व सांसद डॉक्टर बलराम ने इस मामले को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा और पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा, सरकारी नौकरी और जमीन देने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस हिरासत में दलित युवक की मौत न्यायिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।


फिलहाल स्थिति नियंत्रण में


पुलिस ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है और इलाके में ड्रोन से निगरानी की जा रही है। हालांकि, ग्रामीण अभी भी न्याय की मांग कर रहे हैं और पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की अपील कर रहे हैं।

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