अखिलेश्वर तिवारी
जनपद बलरामपुर जिला मुख्यालय स्थित एमएलके पीजी कॉलेज के जंतु विज्ञान विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ आकांक्षा त्रिपाठी और उनकी टीम द्वारा एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता युक्त क्वाड्रेट एनालाइजर का आविष्कार किया गया है जिसको भारतीय पेटेंट ऑफिस ने पेटेंट प्रदान किया है।
डाक्टर आकांक्षा त्रिपाठी ने 11 मार्च को बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता युक्त क्वाड्रेट एनालाइजर का आविष्कार वरदान साबित होगा । उन्होंने कहा कि किसी भी स्थान विशेष की जैव विविधता के विभिन्न मापकों के परीक्षण एवं समुचित निष्कर्ष तक पहुंचाने के लिए आमतौर पर एक वर्ग मीटर के क्वाड्रेट का इस्तेमाल किया जाता रहा है । इस क्वाड्रेट के प्रयोग से मनुष्य द्वारा होने वाली गलतियों की संभावना रहती है जबकि इस पेटेंटेड ए-आई युक्त क्वाड्रेट एनालाइजर में सटीक क्षमता वाले कैमरे लगाए गए हैं जो उसे एक वर्ग मीटर के पूरे इलाके के पौधों और जीव जंतुओं की फोटो खींचकर उनको इस यंत्र के ब्रेन यानी सीपीयू में भेज देते हैं जहां पर उनकी एनालिसिस करके जैव विविधता के विभिन्न मापकों जैसे कि फ्रीक्वेंसी, डेंसिटी, और एबंडेंस जैसे पैरामीटर का ऑटो कैलकुलेशन हो जाता है। भारतीय पेटेंट ऑफिस द्वारा पेटेंट मिलने के बाद अब इस डिवाइस को लघु एवं मध्यम उद्योगों के माध्यम से भारत एवं विदेशों में पहुंचाया जाएगा जिससे वैज्ञानिक एवं विज्ञान के छात्र -छात्राएं इसका लाभ उठा पाएंगे। डाक्टर आकांक्षा त्रिपाठी एवं उनकी टीम द्वारा इस प्रतिष्ठित पेटेंट को प्राप्त करने पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर जेपी पांडे एवं महाविद्यालय के समस्त शिक्षकों ने बधाई दी है।
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