एस के शुक्ला
रानीगंज, प्रतापगढ़। मनुष्य जीवन में जाने अनजाने प्रतिदिन कई पाप होते है। उनका ईश्वर के समक्ष प्रायश्चित करना ही एक मात्र मुक्ति पाने का उपाय है।
यह बातें रानीगंज बाजार में सुरेश चंद्र जायसवाल व कृष्ण चंद्र जायसवाल के आयोजकत्व में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन अयोध्या नगरी से पधारे कथा व्यास श्यामसुंदर दास ने कहीं। उन्होंने ईश्वर आराधना के साथ अच्छे कर्म करने का आह्वान किया।
कथा व्यास श्यामसुंदर दास महाराज ने जीवन में सत्संग व शास्त्रों में बताए आदर्शों का श्रवण करने का आह्वान करते हुए कहा कि सत्संग में वह शक्ति है, जो व्यक्ति के जीवन को बदल देती है।
उन्होंने कहा कि व्यक्तियों को अपने जीवन में क्रोध, लोभ, मोह, हिंसा, संग्रह आदि का त्यागकर विवेक के साथ श्रेष्ठ कर्म करने चाहिए।
भागवत कथा के दौरान कपिल चरित्र, सती चरित्र, धु्रव चरित्र, जड़ भरत चरित्र, नृसिंह अवतार आदि प्रसंगों पर प्रवचन करते हुए कहा कि भगवान के नाम मात्र से ही व्यक्ति भवसागर से पार उतर जाता है।
भजन मंडली की ओर से प्रस्तुत किए गए भजनों पर कथा श्रवण करने आए श्रोता भाव विभोर हो गये। इस मौके पर लाल बहादुर सिंह,जगन्नाथ श्रीवास्तव,विशाल सिंह,संजय जायसवाल,अरुण जायसवाल,अजय जायसवाल,अशोक मौर्य,आशीष मिश्र आदि रहे।
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