नानपारा(बहराइच)। उत्तरप्रदेश लेखपाल संघ की उपशाखा नानपारा द्वारा एक बैठक करके विभिन्न मांगों के संदर्भ में मुख्यमंत्री को संबोधित एक 6 सूत्रीय मांगपत्र उपजिलाधिकारी नानपारा को सौंपा गया। संघ के सदस्यों का कहना है कि गत वर्ष उत्तरप्रदेश लेखपाल संघ द्वारा शासन को दिए गए 6 सूत्रीय मांगपत्र पर मा0 राजस्व परिषद की संस्तुति व शासन की सहमति के बावजूद भी मांगे लंबित हैं। उक्त मांगपत्र में लेखपाल पद की शैक्षिक अर्हता स्नातक करने व पदनाम राजस्व उपनिरीक्षक करने एवं प्रा0 वेतनमान ग्रेडपे 2000 से बढ़ाकर 2800 किया जाना, एसीपी विसंगति दूर करना, राजस्व निरीक्षक के पदों पर सीधी भर्ती समाप्त करते हुए संशोधित रा0 नि0 नियमावली 2017 कैबिनेट से पारित कराना व पदोन्नति द्वारा रिक्त पदों को भरना, विशिष्ट परिस्थितियों में लेखपाल के निजी अनूरोध पर प्रदेश के किसी भी जनपद में स्थानांतरण संबंधी संशोधन करना, लैपटॉप व स्मार्टफोन उपलब्ध कराना, वर्ष 2001 में चयनित वर्ष 2003-04 में प्रशिक्षित किन्तु शाशन स्तर से विलंब के कारण 2005 के बाद नियुक्त लेखपालों को चयन के समय प्रभावी सेवा शर्तों के अनुसार पुरानी पेंशन व्यवस्था का लाभ प्रदान करना जैसी मांगे शामिल हैं। इसके अलावा लेखपाल संघ का कहना है कि मांगे पूरी न होने के कारण 11 मई 2017 को प्रतिनिधि मंडल द्वारा मुलाकात किये जाने पर आश्वाशन दिया गया था किंतु 4 माह बीत जाने पर भी कोई प्रगति नही हुई है। बजट उपलब्ध होने के बावजूद लैपटॉप, एसीपी विसंगति, पदनाम व शैक्षिक योग्यता में परिवर्तन के संबंध में आवश्यक प्रतिक्रिया नही हो पाने के कारण लेखपालों न कष्ट जताया। एस पी सिंह बघेल व बलदेव सिंह ओलख जैसे कतिपय मंत्रियों द्वारा लेखपाल संवर्ग के प्रति अपमानजनक टिप्पणी की आलोचना की गई। साथ ही मांगपत्र के मुताबिक शीघ्र शासनादेश निर्गत कराने की मांग की गई। मांगपत्र देते समय उ0प्र0 लेखपाल संघ तहसील नानपारा अध्यक्ष रामसेवक वर्मा, सचिव अनुज कुमार श्रीवास्तव, अरूण प्रकाश त्रिपाठी, राममूर्ति, बंशराज, रामपलट, परशुराम वर्मा सहित तमाम लेखपालगण मौजूद रहे।
लेखपालों ने एस डी एम को सौंपा,6 सूत्रीय मांगपत्र सीएम को था सम्बोधित
अक्तूबर 03, 2017
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नानपारा(बहराइच)। उत्तरप्रदेश लेखपाल संघ की उपशाखा नानपारा द्वारा एक बैठक करके विभिन्न मांगों के संदर्भ में मुख्यमंत्री को संबोधित एक 6 सूत्रीय मांगपत्र उपजिलाधिकारी नानपारा को सौंपा गया। संघ के सदस्यों का कहना है कि गत वर्ष उत्तरप्रदेश लेखपाल संघ द्वारा शासन को दिए गए 6 सूत्रीय मांगपत्र पर मा0 राजस्व परिषद की संस्तुति व शासन की सहमति के बावजूद भी मांगे लंबित हैं। उक्त मांगपत्र में लेखपाल पद की शैक्षिक अर्हता स्नातक करने व पदनाम राजस्व उपनिरीक्षक करने एवं प्रा0 वेतनमान ग्रेडपे 2000 से बढ़ाकर 2800 किया जाना, एसीपी विसंगति दूर करना, राजस्व निरीक्षक के पदों पर सीधी भर्ती समाप्त करते हुए संशोधित रा0 नि0 नियमावली 2017 कैबिनेट से पारित कराना व पदोन्नति द्वारा रिक्त पदों को भरना, विशिष्ट परिस्थितियों में लेखपाल के निजी अनूरोध पर प्रदेश के किसी भी जनपद में स्थानांतरण संबंधी संशोधन करना, लैपटॉप व स्मार्टफोन उपलब्ध कराना, वर्ष 2001 में चयनित वर्ष 2003-04 में प्रशिक्षित किन्तु शाशन स्तर से विलंब के कारण 2005 के बाद नियुक्त लेखपालों को चयन के समय प्रभावी सेवा शर्तों के अनुसार पुरानी पेंशन व्यवस्था का लाभ प्रदान करना जैसी मांगे शामिल हैं। इसके अलावा लेखपाल संघ का कहना है कि मांगे पूरी न होने के कारण 11 मई 2017 को प्रतिनिधि मंडल द्वारा मुलाकात किये जाने पर आश्वाशन दिया गया था किंतु 4 माह बीत जाने पर भी कोई प्रगति नही हुई है। बजट उपलब्ध होने के बावजूद लैपटॉप, एसीपी विसंगति, पदनाम व शैक्षिक योग्यता में परिवर्तन के संबंध में आवश्यक प्रतिक्रिया नही हो पाने के कारण लेखपालों न कष्ट जताया। एस पी सिंह बघेल व बलदेव सिंह ओलख जैसे कतिपय मंत्रियों द्वारा लेखपाल संवर्ग के प्रति अपमानजनक टिप्पणी की आलोचना की गई। साथ ही मांगपत्र के मुताबिक शीघ्र शासनादेश निर्गत कराने की मांग की गई। मांगपत्र देते समय उ0प्र0 लेखपाल संघ तहसील नानपारा अध्यक्ष रामसेवक वर्मा, सचिव अनुज कुमार श्रीवास्तव, अरूण प्रकाश त्रिपाठी, राममूर्ति, बंशराज, रामपलट, परशुराम वर्मा सहित तमाम लेखपालगण मौजूद रहे।
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